विद्यार्थियों को दीजिये नए ज़माने के पाठ्यक्रम
पढ़ाई हमेशा दो उद्देश्यों से की जाती है - भविष्य में शानदार कॅरियर बनाने के लिए और अपने व्यक्तित्व में वांछित विकास के लिए. अधिकाँश विद्यार्थी आज वो पाठ्यक्रम करना चाहते हैं जिनकी मांग आने वाले समय में बहुत ज्यादा होगी. हम सब जानते हैं की आज जिन पाठ्यक्रमों की बहुत ज्यादा मांग है उनकी कल (भविष्य में ) मांग नहीं होगी - क्योंकि मांग और पूर्ति का नियम हर जगह लागू होता है. ज्यादा भीड़ होने से उन पाठ्यक्रमों की मार्किट वैल्यू कम हो जायेगी.
प्रश्न है की क्या पाठ्यक्रम पढ़ें? प्रश्न हैं की भविष्य में क्या पढ़ाई करें? प्रश्न हैं की भविष्य क्या करवट लेगा.. आज पूरी दुनिया के सामने अनेक चुनॉतीयां हैं जिनके समाधान हमारी आने वाली पीढ़ी निकालेगी और उन क्षेत्रों में बहुत ज्यादा मांग होगी. जैसे आज पर्यावरण की समस्या बहुत ज्यादा बड़ी समस्या है और उस के समाधान के लिए लोगों को ऐसे लोगों की तलाश होगी जो इन समस्याओं का समाधान निकाल सकें.
कार्बन क्रेडिट, इकोसिस्टम प्रिजर्वेशन, हेरिटेज कंज़र्वेटिव, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी आदि आदि - बहुत लंबी लिस्ट है - ये वो क्षेत्र है जिनमे ज्यादा मांग रहने की सम्भावना है. इस प्रकार इन क्षेत्रों में बहुत मांग रहने की सम्भावना रहनी हैं.
हर विद्यार्थी के अंदर कुछ नैसर्गिक दक्षता होती है और उसके लिए एक विकास का माध्यम होता है शिक्षण संस्था. आने वाले समय में विद्यार्थियों को अपने हुनर को निखारने के लिए अनेक मोके मिलेंगे. सोशल मीडिया, फेसबुक यूट्यूब जैसे नवाचार के बाद विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरीदुनिया में प्रचारित कर सकते हैं.
आज पूरी दुनिया के विश्वविद्यालय अनेक तरह के स्कालरशिप पाठ्यक्रम ला रहे हैं. इन सबका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा. आज विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए पूरी दुनिया जाने के मोके तलाश रहे हैं. सच में भविष्य की दुनिया नए ज़माने में नयी विरासत ले कर आ रही है. आज हम नए ज़माने की तैयारी कर रहे हैं और विद्यार्थी भविष्य को बनाने के लिए तयारी कर रहे हैं.

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